रविवार, 19 नवंबर 2017

मिर्गी के रोग का शर्तिया ईलाज

        मिर्गी के रोग का  शर्तिया ईलाज

         


मिर्गी का रोग एक दिमागी रोग है । इस रोग में आदमी अचेत ( बेहोश ) होकर गिर जाता है । इसका दौरा सड़क के बीच , खतरनाक स्थान , या किसी वाहन में , जहां अधिक पानी हो या आग हो वहां पर उस व्यक्ति का दिमाग काम करना बंद कर देता है और मिर्गी का दौरा पड़ जाता है ।उस समय लोग रोगी को घेर लेते है । कुछ लोग सहानुभूति दिखाते है । तो कुछ लोग इधर - उधर की बाते करने लगते है । उसे चमड़े की जूते सुंघाने लगते है । जिसे रोगी हीन भावना का शिकार हो जाता है ।
       इस रोग को घरेलू उपचार से ठीक किया जा सकता है जो इस प्रकार से है ।

 उपचार विधि :- 

पहली विधि -

( 1 ) अदरक का सोंठ - 10 ग्राम
( 2 )पीपल ( किराने के दुकानों पर आसानी से मिल जाती है ) - 10 ग्राम
( 3 )काली मिर्च :- 10 ग्राम

 इन तीनो चीजो को शुद्ध घी में भून लें । तीन ग्राम भुनी हुई हींग ले । इन चारों का चूर्ण बनाले । सुबह शाम तीन - तीन चुटकी फांक कर गाय का दूध पी ले । कुछ ही दिनों में मिर्गी का रोग ठीक हो जाएगा ।

दूसरी विधि :- 

अदरक के  सोठ का चूर्ण दो चम्मच , तुलसी दल पांच पत्तियां , काली मिर्च के दस दाने को पीस ले । फिर इसे शहद के साथ सेवन करे ।
 इसके सेवन से दिमाग की चेतना लौटेगी और रोग धीरे - धीरे समाप्त हो जाएगा ।
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